राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय खटीमा में आयोजित हुआ गढ़ भोज कार्यक्रम।

खटीमा (उधम सिंह नगर)। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय खटीमा में गढ़ भोज कार्यक्रम का आयोजन उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड की समृद्ध पारंपरिक खाद्य संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ-साथ विद्यार्थियों को स्वस्थ खान-पान और प्राकृतिक खाद्य पदार्थों के महत्व के प्रति जागरुक किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. सुनील कुमार कटियार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अपने संबोधन में प्राचार्य ने कहा कि उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजन केवल हमारी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि इनमें मौजूद पोषक तत्व स्वस्थ जीवन के लिए भी अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने मोटे अनाज, पारंपरिक दालों, जैविक सब्जियों एवं प्राकृतिक रुप से उपलब्ध खाद्य पदार्थों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक खान-पान की बदलती प्रवृत्तियों के प्रति सचेत करते हुए जंक फूड के अत्यधिक सेवन से होने वाले नुकसान बताए और स्थानीय एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अपनी पारंपरिक खाद्य विरासत को संरक्षित करना स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

गढ़ भोज कार्यक्रम के साथ ही महाविद्यालय में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ के अंतर्गत ‘मेरे सपनों का विकसित भारत @2047’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने अपनी कल्पनाशीलता, प्रतिभा और रचनात्मक सोच के माध्यम से वर्ष 2047 के विकसित भारत की परिकल्पना को कैनवास पर जीवंत किया।

चित्रकला प्रतियोगिता में भावना, बी.एससी. पंचम सेमेस्टर एवं संध्या बैज, बी.एड. प्रथम सेमेस्टर ने संयुक्त रुप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। चंद्रकला, बी.एससी. पंचम सेमेस्टर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि शाजिया खान, एम.ए. द्वितीय सेमेस्टर एवं आतिब, बी.एड. तृतीय सेमेस्टर ने संयुक्त रुप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में बी.एड. के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता करते हुए आयोजन की व्यवस्थाओं एवं संचालन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

कार्यक्रम ने एक ओर उत्तराखंड की पारंपरिक खाद्य विरासत और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया, तो दूसरी ओर विद्यार्थियों की रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से विकसित भारत @2047 की संकल्पना को भी मजबूती प्रदान की।

इस अवसर पर प्रोफेसर आदेश कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर इंदुशेखर ममगई, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. बृजेश सिंह, डॉ. गिरधर जोशी, डॉ. रेखा पांडे, डॉ. सरिता कालाकोटी, डॉ. फखरुद्दीन राही, डॉ. संजय कुमार गंगवार, डॉ. सुरेंद्र विक्रम सिंह पड़ियार, डॉ. परवीन पाण्डेय, डॉ. धीरज गहतोड़ी, डॉ. नमिता सामंत, डॉ. पिंकी भट्ट, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. रेखा देव, डॉ. पूजा कापड़ी, डॉ. नवीन मेहरा, अचल वर्मा, मसरुर आलम सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

रिपोर्टर – रिया सोलीवाल

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