सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी में समूह परिचर्चा आयोजित।
‘राष्ट्रीय एकता और खेल : सरदार पटेल के विचारों की प्रासंगिकता’ विषय पर विद्यार्थियों ने रखे विचार।
हल्द्वानी (नैनीताल)। राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी शहर, किशनपुर, गौलापार में शनिवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा खेल भावना के प्रति जागरुकता विकसित करने हेतु “राष्ट्रीय एकता और खेल : सरदार पटेल के विचारों की प्रासंगिकता” विषय पर समूह परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्राध्यापक डॉ. बसंत नेगी ने विद्यार्थियों को सरदार पटेल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व से परिचित कराया। उन्होंने खेलों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, अनुशासन तथा सामूहिक प्रयासों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
तत्पश्चात विद्यार्थियों के मध्य समूह परिचर्चा आयोजित की गई, जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए खेलों को केवल शारीरिक विकास का माध्यम ही नहीं, बल्कि संगठनात्मक एकता, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक समरसता के विकास का सशक्त साधन बताया।
परिचर्चा के दौरान विद्यार्थियों ने युवाओं की सकारात्मक ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में उपयोगी बनाने संबंधी महत्वपूर्ण विचार भी प्रस्तुत किए।
प्राध्यापिका चंद्रकला ने विद्यार्थियों को सरदार पटेल के विचारों को आत्मसात करने तथा खेलों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक सद्भाव को सुदृढ़ करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं में ऐसे गुणों का विकास करते हैं, जो एक सशक्त एवं संगठित राष्ट्र के निर्माण के लिए आवश्यक हैं।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. कैलाश कलौनी, वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ. भारती बहुगुणा, डॉ. प्रकाश मठपाल, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अंशुमन शाह सहित अन्य प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल




