भगवान गणेश कैसे बने प्रथम पूज्य देवता, शिव महापुराण कथा में हुआ सुंदर वर्णन।
स्याल्दे/भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। शिव महापुराण आयोजन में श्रद्धालुओं की लगातार भीड़ उमड़ती जा रही है। जय महाकाल सेवा समिति भरसोली द्वारा आयोजित शिव महापुराण कथा के सप्तम दिवस के मुख्य यजमान बालम सिंह बंगारी, उनकी धर्मपत्नी पुष्पा देवी बंगारी फतेहपुर द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।
इसके पश्चात कथा व्यास नन्दा वल्लभ पन्त ने शिव महापुराण कथा के माध्यम से भगवान गणेश के प्रथम पूज्य देवता बनने का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता के रुप में इसलिए पूजा जाता है, क्योंकि उन्होंने अपने माता-पिता भगवान शिव और देवी पार्वती की परिक्रमा करने में बुद्धिमत्ता दिखाई और उन्हें अपना संपूर्ण ब्रह्मांड माना।
आयोजन को सफल बनाने में संस्था के अध्यक्ष प्रताप सिंह ड़गवाल, त्रिलोक सिंह पटवाल, महेन्द्र सिंह बंगारी, आनन्द सिंह रावत, रामदत्त दत्त ढौंडियाल, बालम सिंह बंगारी, कैलाश ढौंडियाल, हीरा सिंह बंगारी, कुन्दन सिंह महेत्ता, लक्की प्रताप सिंह बंगारी, खुशहाल सिंह बंगारी, इंद्र सिंह महेरा, बचें सिंह बंगारी, मनोज चन्द्र जोशी आदि जुटे रहे।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल













