कुमाऊँ विश्वविद्यालय में लक्ष्मण सिंह की पीएच.डी. मौखिकी परीक्षा सम्पन्न, विद्यार्थियों के तनाव और भावनात्मक बुद्धिमत्ता पर किया शोध।
हल्दूचौड़ (नैनीताल)। कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल के डी.एस.बी. परिसर स्थित आईटीईपी विभाग के सहायक प्राध्यापक लक्ष्मण सिंह की पीएच.डी. मौखिकी परीक्षा डी.एस.बी. परिसर में सम्पन्न हुई।
शोधार्थी लक्ष्मण सिंह ने अपना शोधकार्य प्रो. (डॉ.) एल.एम. पांडेय, शिक्षा विभाग, लाल बहादुर शास्त्री राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्दूचौड़ के निर्देशन में पूर्ण किया। शोध का विषय “उच्च माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धि का उनके भावनात्मक बुद्धिमत्ता, शैक्षिक तनाव एवं पारिवारिक तनाव के संदर्भ में अध्ययन” था। इसे वर्तमान समय का अत्यंत प्रासंगिक एवं समसामयिक विषय माना गया।
शोध में बताया गया कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक एवं तकनीकी युग में विद्यार्थियों के समक्ष शैक्षिक दबाव, मानसिक तनाव तथा पारिवारिक चुनौतियां निरंतर बढ़ रही हैं। ऐसे समय में विद्यार्थियों की भावनात्मक बुद्धिमत्ता, मानसिक संतुलन एवं पारिवारिक वातावरण उनके शैक्षिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शोध के निष्कर्षों में यह प्रतिपादित किया गया कि उच्च भावनात्मक बुद्धिमत्ता वाले विद्यार्थी तनावपूर्ण परिस्थितियों का बेहतर ढंग से सामना करते हैं तथा उनकी शैक्षिक उपलब्धि अपेक्षाकृत अधिक होती है। वहीं अत्यधिक शैक्षिक एवं पारिवारिक तनाव विद्यार्थियों की एकाग्रता, मानसिक स्वास्थ्य एवं शैक्षिक प्रदर्शन को प्रभावित करता है। शोधकार्य में विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए विद्यालयों एवं परिवारों में सहयोगात्मक एवं संवेदनशील वातावरण विकसित करने के कई महत्वपूर्ण सुझाव भी प्रस्तुत किए गए।
मौखिकी परीक्षा में बाह्य परीक्षक के रुप में प्रो. हनीत गांधी, शिक्षा विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय ऑनलाइन उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. अतुल जोशी, डीन, कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल द्वारा की गई।
इस अवसर पर डॉ. अशोक उप्रेती, डॉ. पुष्पा अधिकारी, डॉ. सरोज शर्मा, विनीता, तेज प्रकाश, आकांक्षा सहित अनेक शोधार्थी, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। पीएच.डी. उपाधि हेतु सफल मौखिकी परीक्षा सम्पन्न होने पर शोधार्थी लक्ष्मण सिंह एवं शोध निर्देशक प्रो. (डॉ.) एल.एम. पांडेय को शिक्षकों, सहकर्मियों एवं शुभचिंतकों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी।



