नैनीसेरा में तेंदुए का आतंक, घर के पास चर रही गाय को बनाया निवाला; पीड़ित ने वन विभाग से मांगा मुआवजा।
गंगोड़ा के तोक नैनीसेरा में झाड़ियों में घात लगाकर तेंदुए ने किया हमला, गाय की मौत से परिवार के सामने आजीविका का संकट।
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। क्षेत्र में तेंदुए का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला ग्राम गंगोड़ा के तोक नैनीसेरा का है, जहां झाड़ियों में घात लगाकर बैठे तेंदुए ने एक गाय पर हमला कर उसे मार डाला और उसके शव को घसीटकर झाड़ियों के अंदर ले गया। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम नैनीसेरा निवासी एक व्यक्ति अपनी गाय को रमेश चंद्र, पूर्व सरपंच के घर से करीब 200 मीटर दूर चराने के लिए ले गया था। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अचानक गाय पर हमला कर दिया। पीड़ित ने जोर-जोर से शोर मचाकर तेंदुए को भगाने का प्रयास किया, लेकिन तेंदुए ने गाय को मार डाला और उसे घसीटकर झाड़ियों के अंदर ले गया।
पीड़ित के अनुसार, ग्राम नैनीसेरा में पिछले कई दिनों से तेंदुए की सक्रियता बनी हुई है। इसकी सूचना पहले भी वन विभाग को दी गई थी। गाय को तेंदुए द्वारा मारे जाने की सूचना ग्राम प्रधान चंपा देवी, नैनीसेरा और वन विभाग को भी दे दी गई है।
पीड़ित ने बताया कि वह पिछले 26 वर्षों से दिल्ली में ऑल इंडिया मेडिकल न्यूरोलॉजी में उपचार करा रहे हैं। स्वास्थ्य ठीक नहीं रहने के कारण वह मजदूरी या कुली का काम करने में भी असमर्थ हैं। ऐसे में गाय का दूध बाजार में बेचकर ही वह अपने परिवार की आजीविका चला रहे थे।
उन्होंने बताया कि बड़ी गाय खरीदकर दूध का व्यवसाय शुरु किया था, लेकिन तेंदुए के हमले में गाय की मौत होने से उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
पीड़ित ने वन विभाग से आर्थिक सहायता एवं उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि वह दोबारा गाय खरीदकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। साथ ही ग्रामीणों ने क्षेत्र में बढ़ती तेंदुए की सक्रियता को देखते हुए वन विभाग से आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल








