आदि शक्ति कालिका धाम बासोट में विराजमान हैं माँ नवदुर्गा के नौ स्वरुप, 17 जून 2026 से होगा भव्य धार्मिक आयोजन।

भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। विकासखंड भिकियासैंण अंतर्गत माँ नवदुर्गा कालिका धाम बासोट में 17 जून 2026 से श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम को लेकर क्षेत्रीय लोगों एवं मंदिर समिति द्वारा भव्य तैयारियां शुरु कर दी गई हैं।

बासोट-चनुली सरपटा मोटर मार्ग पर सुरम्य पहाड़ियों और मनोहारी प्राकृतिक छटा के बीच स्थित आदि शक्ति कालिका धाम बासोट का भव्य मंदिर समूह क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां आदि शक्ति माँ कालिका का मंदिर प्राचीन काल से अपनी महिमा और शक्ति के लिए प्रसिद्ध रहा है। मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से यहां मन्नत मांगता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है।

मंदिर समिति के अध्यक्ष त्रिलोक सिंह भण्डारी ने बताया कि वर्ष 2014 से मंदिर के जीर्णोद्धार एवं परिसर को भव्य स्वरुप प्रदान करने के लिए मंदिर समिति ने जनसहयोग से विशेष अभियान चलाया है। इसी क्रम में भव्य नवदुर्गा मंदिर का निर्माण कर माँ दुर्गा के नौ स्वरुपों की दिव्य प्रतिमाओं की स्थापना की गई है।

उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में भगवान शंकर, लक्ष्मी-नारायण मंदिर, अष्ट भैरव मंदिर, कथा स्थल एवं यज्ञशाला भी स्थापित हैं। इसके अतिरिक्त अयोध्या की तर्ज पर राम मंदिर निर्माण की भी योजना प्रस्तावित है।

मंदिर समिति के अनुसार वर्ष 2014-15 से मंदिर में अखंड ज्योति प्रज्वलित है। इस अखंड ज्योति को राम मंदिर रानीखेत के महंत बाबा मौनी महाराज तथा पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद अजय भट्ट द्वारा विधि-विधान के साथ प्रज्ज्वलित किया गया था। वर्षभर मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों एवं आयोजनों का आयोजन किया जाता है।

इसी क्रम में कालिका धाम बासोट में 17 जून 2026 से 27 जून 2026 तक श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया जाएगा। मंदिर समिति के अध्यक्ष त्रिलोक सिंह भण्डारी ने बताया कि 25 जून 2026 से 27 जून 2026 तक अष्ट भैरव मूर्ति प्रतिष्ठा महोत्सव का भी भव्य आयोजन किया जाएगा।

मंदिर समिति एवं क्षेत्रीय श्रद्धालु जनसहयोग से कार्यक्रम को भव्य स्वरुप देने के लिए तैयारियों में जुटे हुए हैं।

रिपोर्टर – रिया सोलीवाल

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