देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत एक दिवसीय उद्यमिता अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित।
हल्द्वानी (नैनीताल)। राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी शहर, गौलापार में देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान, अहमदाबाद के सहयोग से एक दिवसीय उद्यमिता अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को उद्यमिता, स्वरोजगार एवं स्टार्टअप के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से परिचित कराते हुए विशेषज्ञों के माध्यम से आवश्यक मार्गदर्शन एवं उपयोगी जानकारी प्रदान करना रहा।
माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ:
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी प्राचार्य प्रो. कैलाश कलौनी, वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ. भारती बहुगुणा एवं मुख्य वक्ता भूपेंद्र सिंह मेहरा द्वारा संयुक्त रुप से माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित करके किया गया।
तत्पश्चात अपने संबोधन में प्रभारी प्राचार्य प्रो. कैलाश कलौनी ने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के लिए रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ना भी आवश्यक है। उन्होंने उद्यमिता एवं नवाचार के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को कार्यक्रम से अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
मुख्य वक्ता ने प्रभारी प्राचार्य को प्रतीक चिह्न देकर किया सम्मानित:
इसके उपरांत विषय विशेषज्ञ एवं मुख्य वक्ता भूपेंद्र सिंह मेहरा द्वारा महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. कैलाश कलौनी को प्रतीक चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
विद्यार्थियों ने उद्यमिता एवं स्टार्टअप को बताया नए अवसरों का क्षेत्र:
कार्यक्रम की अगली कड़ी में महाविद्यालय की छात्रा सुषमा टम्टा ने अपने वक्तव्य में उद्यमिता एवं स्टार्टअप को युवा पीढ़ी के लिए नए अवसरों और संभावनाओं का क्षेत्र बताते हुए विद्यार्थियों से पारंपरिक रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार एवं नवाचार की दिशा में भी आगे बढ़ने का आह्वान किया।
इसी क्रम में प्राध्यापक डॉ. आशीष अंशु ने अपने वक्तव्य में उद्यमिता को समाज की आवश्यकताओं से जोड़ते हुए कहा कि विद्यार्थियों को स्थानीय संसाधनों एवं समस्याओं को अवसर के रुप में देखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नवाचार एवं रचनात्मक सोच के माध्यम से युवा अपनी क्षमताओं को नए अवसरों में परिवर्तित कर समाज एवं अर्थव्यवस्था में सकारात्मक योगदान दे सकते हैं।
इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए प्राध्यापक डॉ. महिराज मेहरा ने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए उद्यमिता को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाते हुए अपने कौशल एवं रुचि के अनुरुप नए प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने भीतर उद्यमशील दृष्टिकोण विकसित करने तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
विशेषज्ञ ने देवभूमि उद्यमिता योजना के विभिन्न पहलुओं की दी जानकारी:
इसके पश्चात कार्यक्रम के विषय विशेषज्ञ एवं मुख्य वक्ता भूपेंद्र सिंह मेहरा, प्रोजेक्ट ऑफिसर, नैनीताल (भारत सरकार), भारतीय उद्यमिता संस्थान, अहमदाबाद ने देवभूमि उद्यमिता योजना से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी प्रदान की।
उन्होंने विद्यार्थियों को उद्यमिता की अवधारणा, स्वरोजगार एवं स्टार्टअप की संभावनाओं, व्यवसाय शुरु करने की प्रक्रिया तथा उपलब्ध सहयोग एवं अवसरों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आज के युवा केवल नौकरी प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि अपनी रुचि, कौशल एवं स्थानीय संसाधनों को पहचानकर स्वयं का उद्यम स्थापित करने की दिशा में भी प्रयास करें।
इस अवसर पर भूपेंद्र सिंह मेहरा ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए विभिन्न सफल उद्यमियों के उदाहरण एवं प्रेरक प्रसंग विद्यार्थियों के समक्ष रखे। उन्होंने बताया कि किसी भी व्यवसाय की शुरुआत के लिए बड़े पूंजी निवेश से अधिक महत्वपूर्ण सही विचार, उचित योजना, निरंतर प्रयास और जोखिम उठाने की क्षमता होती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को देवभूमि उद्यमिता योजना के माध्यम से उपलब्ध मार्गदर्शन एवं अवसरों का अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद करते हुए उद्यम एवं उद्यमिता से संबंधित सामान्य ज्ञान का परीक्षण करते हुए उनके प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक सुझाव प्रदान किए।
कार्यक्रम के समापन पर व्यक्त किया आभार:
कार्यक्रम के समापन अवसर पर कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पूजा ध्यानी ने मुख्य वक्ता भूपेंद्र सिंह मेहरा का आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को इस प्रकार के आयोजनों से अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन प्राध्यापक डॉ. सुरेश जोशी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में प्रभारी प्राचार्य प्रो. कैलाश कलौनी, वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ. भारती बहुगुणा, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पूजा ध्यानी, डॉ. रीमा आर्या, डॉ. बसन्त नेगी, डॉ. हेमंत बिनवाल, डॉ. वीरेंद्र सिंह एवं डॉ. सुनीता दानू सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल













