भिकियासैंण नगर पंचायत की 12 विकास निविदाओं पर उठे सवाल, निष्पक्ष जाँच की मांग।
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। नगर पंचायत भिकियासैंण द्वारा 4 जून 2026 को चार वार्डों में विभिन्न विकास कार्यों के लिए लगभग 80 से 90 लाख रुपये की 12 निविदाएं जारी किए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता नंदन सिंह बिष्ट ने निविदा प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी अल्मोड़ा, उपजिलाधिकारी भिकियासैंण तथा अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत को शिकायत पत्र भेजकर मामले की जाँच की मांग की है।
नंदन सिंह बिष्ट का आरोप है कि अधिकांश निविदाओं में प्रस्तावित कार्यों का विवरण स्पष्ट रुप से अंकित नहीं किया गया है। कार्य किस स्थान से किस स्थान तक किया जाना है तथा उसकी कुल लंबाई कितनी होगी, इसका उल्लेख निविदा दस्तावेजों में नहीं किया गया है। उनका कहना है कि कई प्रस्तावित कार्यों में इंटरलॉक टाइल बिछाने का प्रावधान किया गया है, जबकि संबंधित मार्गों पर पहले से ही मजबूत सीसी सड़कें मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में अधिक ढलान वाले मार्गों पर इंटरलॉक टाइल लगाने से फिसलन बढ़ने की संभावना रहती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है। इसके अलावा कुछ निजी खेतों में लाखों रुपये की लागत से दीवार निर्माण जैसे कार्य प्रस्तावित किए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए हैं।
नन्दन सिंह बिष्ट का आरोप है कि कई कार्यों की लागत वास्तविक आवश्यकता की तुलना में अत्यधिक निर्धारित की गई है। वहीं जिन क्षेत्रों में विकास कार्यों की अधिक आवश्यकता है, उन्हें प्राथमिकता नहीं दी गई, जबकि उन कार्यों की सूची पूर्व में नगर पंचायत को उपलब्ध कराई जा चुकी है।
समाजसेवी नंदन सिंह बिष्ट ने प्रशासन से मांग की है कि लगभग एक करोड़ रुपये की इन निविदाओं की निष्पक्ष जाँच कराई जाए तथा जनहित को ध्यान में रखते हुए उन्हीं विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, जिनकी वास्तव में आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे का सदुपयोग सुनिश्चित करने के लिए पूरे मामले की पारदर्शी जाँच आवश्यक है।



