यज्ञ-हवन, गोदान, कन्या पूजन व भंडारे के साथ विधि-विधान से संपन्न हुई शिव महापुराण कथा।
स्याल्दे/भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। जय महाकाल सेवा समिति भरसोली द्वारा आयोजित शिव महापुराण कथा का विधि-विधान के साथ समापन हुआ। कथा के समापन अवसर पर मुख्य यजमान महेन्द्र सिंह बंगारी एवं उनकी पत्नी मीनाक्षी देवी बंगारी, गोपाल सिंह मैठानी एवं उनकी पत्नी रुकमा देवी मैठानी, बालम सिंह बंगारी एवं उनकी पत्नी पुष्पा देवी बंगारी, जगदीश चन्द्र जोशी एवं उनकी पत्नी दया जोशी, चन्दन सिंह बंगारी एवं उनकी पत्नी गोपुली देवी बंगारी तथा दीवान सिंह बंगारी एवं उनकी धर्मपत्नी गोपुली देवी बंगारी द्वारा विधि-विधान के साथ यज्ञ, हवन, गोदान, कन्याओं का पूजन एवं पूजा-अर्चना की गई।
तत्पश्चात कथा व्यास नन्दा वल्लभ पन्त द्वारा शिव महापुराण कथा के महत्व के माध्यम से भगवान शिव के 19 रुद्र अवतारों का विस्तार से सुंदर वर्णन किया गया।
उन्होंने बताया कि भगवान शिव का मुख्य कार्य ब्रह्मांड का सृजन, संरक्षण और संहार करना है। उन्हें त्रिमूर्ति में संहारक माना जाता है, जो पुराने या समाप्त हो चुके चक्र को नव जीवन के लिए बदलते हैं।
कथा के समापन के पश्चात समिति द्वारा सभी भक्तों एवं श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
आयोजन को सफल बनाने में संस्था के अध्यक्ष प्रताप सिंह डंगवाल ने सभी श्रोताओं, श्रद्धालुओं, कार्यकर्ताओं, ग्रामवासियों एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में त्रिलोक सिंह पटवाल, आनन्द सिंह रावत, रामदत्त दत्त ढौंडियाल, गोविन्द सिंह बंगारी, कैलाश ढौंडियाल, हीरा सिंह बंगारी, लक्की प्रताप सिंह बंगारी, खुशहाल सिंह बंगारी, इंद्र सिंह महेरा, बचें सिंह बंगारी, मनोज चन्द्र जोशी, कुन्दन सिंह महेत्ता आदि लोगों का सहयोग रहा।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल














