सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ “गिरै कौतिक” मुख्य मेले का शुभारंभ।
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। पौराणिक, पारंपरिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं व्यापारिक गिरै कौतिक–2026 के मुख्य मेले का शुभारंभ मुख्य अतिथि जनसेवक जगत पाल सिंह नेगी द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन एवं रिबन काटकर किया गया। दीप प्रज्वलन के अवसर पर शिव सिंह रावत, दीवानी राम, पदम सिंह, सुंदर प्रकाश, दीवान सिंह, भावना देवी, प्रेम प्रकाश सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि जनसेवक जगत पाल सिंह नेगी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया तथा उन्हें कृपाल सिंह शीला द्वारा लिखित पुस्तक “गिरै कौतिक” भेंट की गई। वहीं मुख्य अतिथि द्वारा अपनी लिखित पुस्तक “जगत का जीवन” मंचस्थ प्रबुद्धजनों को भेंट की गई। इसके उपरांत कृपाल सिंह शीला द्वारा स्थानीय देवी-देवताओं की वंदना “दैणा होया खोली का गणेशा हे” प्रस्तुत की गई।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में सभी से अपनी संस्कृति, धरोहर और पहचान को बचाने के लिए आगे आने का आह्वान किया। इसके बाद रागिनी कला केन्द्र, हल्द्वानी (खनवाल इवेंट) की टीम द्वारा सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। इसके उपरांत पूनम, दिव्या, निशा, हेमा एवं अंकिता द्वारा कुमाउनी गीतों पर मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रस्तुत दी गई।
कार्यक्रम के दौरान मेले के गाँव के सबसे बुजुर्ग चनीराम, मेला स्थल एवं रास्तों की सफाई में सहयोग के लिए लछमा देवी, उदय रावत (ब्लॉगर तोलकांडे), कक्षा-5 में पढ़ने वाली दूर गाँव मझेड़ा से आई पूजा जीना, रागिनी कला केन्द्र हल्द्वानी के संयोजक सुभाष खनवाल तथा कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता में कोटागिवाई से प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली ललिता देवी को शॉल ओढ़ाकर, प्रमाण पत्र एवं स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया।
पारंपरिक गिर खेल (हॉकी) में शिव सिंह रावत विजेता रहे, जिन्हें मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके उपरांत बैलून पास, मानसिक बाघ-बकरी, नींबू-चम्मच दौड़, रस्सी उछल-कूद, सामान घेरो–इनाम पाओ, कुर्सी दौड़ तथा सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता (जूनियर स्तर) का आयोजन किया गया।
सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में जूनियर स्तर पर कु. जानवी डंगवाल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि रस्सी उछल-कूद में कक्षा-4 के मोहित (राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय बासोट) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इन सभी प्रतियोगिताओं में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को स्वर्ण एवं रजत पदक, प्रमाण पत्र, पुरस्कार तथा ज्ञान-विज्ञान बुलेटिन एवं बाल प्रहरी पत्रिका प्रदान कर मंचस्थ अतिथियों की उपस्थिति में सम्मानित किया गया।
इसके उपरांत गिरै कौतिक एवं सांस्कृतिक विकास समिति, ग्राम सभा चनुली-सरपटा के अध्यक्ष कृपाल सिंह शीला, उपाध्यक्ष शिव सिंह रावत, सदस्य दीवानी राम तथा गिरै कौतिक के मुख्य आयोजक प्रेम प्रकाश, सुंदर प्रकाश, बलवंत रावत, सुरेन्द्र सिंह शीला एवं हरी राम द्वारा मेले के सफल संचालन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के साथ ही ग्वेल ज्यू टेंट हाउस के दीपक कड़ाकोटी एवं कुमेर कड़ाकोटी का आभार व्यक्त किया गया।
मेले के समापन पर वरिष्ठजनों शिव सिंह रावत एवं दीवानी राम ने भी हॉकी (गिर) खेला। महिलाओं द्वारा प्रसिद्ध पजलकार जगमोहन रावत ‘जगमोरा’ द्वारा बनाई गई पजल की वीडियो के साथ पारंपरिक झोड़ा गायन प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर हरीश भंडारी, प्रधान प्रतिनिधि बासोट नंदन सिंह भंडारी, बूंगा नौरड़ के ग्राम प्रधान चंदन सिंह कड़ाकोटी, केशव दत्त, पवन कुमार, रामदत्त उप्रेती, पुलिस विभाग भिकियासैंण से एसआई लक्ष्मण सिंह, हेड कांस्टेबल कपिल देव, मोहित असवाल, आनंद कड़ाकोटी, हीरा सिंह, रविंद्र कड़ाकोटी, किरण उप्रेती, संतोषी देवी, मणिका पाठक, सुरेश कुमार सहित राम सिंह रावत, किशन सिंह, देवेंद्र सिंह, पवन कुमार, सुधीर चंद्रा, नरीराम, गोपाल राम, अमित, मोहित, भूपेंद्र, मनीषा, अभिनव, रोहित, अंजली, पूनम, दीपा, आशा, नमन, देवांश आदि वरिष्ठजनों के साथ प्रतिभागियों की सक्रिय उपस्थिति रही।
अंत में सभी प्रथम स्थान प्राप्त विजेता प्रतिभागियों को गिरै कौतिक एवं सांस्कृतिक विकास समिति, ग्राम सभा चनुली-सरपटा की ओर से गिर खेल के लोगो से बने गोल्ड व सिल्वर मेडल तथा प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मेले के समापन अवसर पर संचालक कृपाल सिंह शीला ने रामनगर सहित क्षेत्रीय एवं स्थानीय व्यापारी बंधुओं, दुकानदारों एवं सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए गिरै कौतिक के सफल समापन की घोषणा की।
रिपोर्टर- रिया सोलीवाल













