राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी में विश्व रेडक्रॉस दिवस पर कार्यशाला आयोजित।
हल्द्वानी (नैनीताल)। राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी शहर, किशनपुर, गौलापार में इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के मानवीय मूल्यों एवं सेवा भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यशाला एवं जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर मानव सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत प्रेरणादायक एवं सामाजिक चेतना से परिपूर्ण रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं रेडक्रॉस के आदर्शों के स्मरण के साथ किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की रेडक्रॉस समिति की संरक्षक डॉ. अर्चना जोशी ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष रेडक्रॉस की थीम “On the Side of Humanity” है। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस केवल एक संस्था नहीं, बल्कि मानवता, सेवा, करुणा और सहयोग का वैश्विक प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा समाज में पीड़ित, असहाय एवं जरुरतमंद लोगों की सहायता के लिए विद्यार्थियों को सदैव आगे आना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को सेवा-भावना को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित किया।
वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. कैलाश कालोनी ने अपने संबोधन में कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं तथा स्वास्थ्य संबंधी संकटों के समय रेडक्रॉस संस्था द्वारा निभाई जाने वाली भूमिका अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे प्राथमिक उपचार, रक्तदान जागरुकता, स्वच्छता एवं सामाजिक सहयोग जैसे कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाएं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनना है।
कार्यक्रम में वक्ता के रुप में उपस्थित डॉ. किरण जोशी ने रेडक्रॉस आंदोलन के इतिहास, उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि रेडक्रॉस विश्व का सबसे बड़ा मानवीय संगठन है, जो युद्ध, आपदा एवं संकट के समय बिना किसी भेदभाव के मानव सेवा का कार्य करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार, स्वास्थ्य सुरक्षा, रक्तदान तथा आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्रदान की। साथ ही युवाओं को सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के दौरान छात्र-छात्राओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई तथा विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों में ललिता, अभिषेक, सुषमा, गीतांजलि, खुशबू, कुसुम और जानकी विशेष रुप से उपस्थित रहे। सभी विद्यार्थियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। छात्र-छात्राओं ने रेडक्रॉस के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया तथा समाज सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य जागरुकता, स्वच्छता, प्राथमिक उपचार एवं आपदा के समय राहत कार्यों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गई। डॉ. गौरव जोशी ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है, जो मानवीय मूल्यों के प्रति सजग हों तथा सामाजिक उत्तरदायित्व को समझते हुए समाज के कमजोर वर्गों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहें।
इस अवसर पर वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. कैलाश कालोनी, डॉ. भारती, डॉ. दीप चंद्र, डॉ. प्रकाश, डॉ. आशीष, डॉ. भुवन, डॉ. रीमा, डॉ. बुशरा, डॉ. बसंत, डॉ. कंचन, डॉ. सुरेश एवं कार्यालय स्टाफ उपस्थित रहा।



