देशभर के 51 शिक्षकों में डॉ. सुरेंद्र विक्रम सिंह पड़ियार का चयन, 25 देशों की मौजूदगी में मिलेगा ‘वैश्विक शिक्षक रत्न अवार्ड’।
खटीमा (उधम सिंह नगर)। शिक्षा, सामाजिक सरोकार एवं शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए एच.एन.बी. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय खटीमा के गणित विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सुरेंद्र विक्रम सिंह पड़ियार का प्रतिष्ठित ‘वैश्विक शिक्षक रत्न अवार्ड’ के लिए चयन हुआ है। देशभर से चयनित केवल 51 शिक्षकों एवं शिक्षाविदों को प्रदान किए जाने वाले इस सम्मान में डॉ. पड़ियार का चयन खटीमा एवं उधम सिंह नगर के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है।
20 सितंबर को नई दिल्ली में होगा सम्मान:
अंतरराष्ट्रीय समरसता मंच द्वारा आयोजित शिक्षक सम्मेलन एवं विचार-प्रस्तुतीकरण तथा शिक्षक दिवस एवं सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन जयंती समापन महोत्सव में यह सम्मान 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में प्रदान किया जाएगा। समारोह की विशेषता यह होगी कि इसमें 25 देशों के राष्ट्रीय ध्वजों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी और शिक्षा, संस्कृति, सामाजिक समरसता तथा वैश्विक बंधुत्व जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
25 देशों की रहेगी सहभागिता:
समारोह में भारत के साथ नेपाल, भूटान, अफगानिस्तान, अल्जीरिया, अंगोला, ऑस्ट्रिया, क्रोएशिया, फिनलैंड, ट्यूनीशिया, जर्मनी, इराक, इजराइल, मैसिडोनिया, मोरक्को, नीदरलैंड, नाइजीरिया, नॉर्वे, रोमानिया, डेनमार्क, श्रीलंका, मालदीव, किर्गिस्तान, फिलिस्तीन एवं फिजी सहित कुल 25 देशों की सहभागिता रहेगी। इतने व्यापक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व के बीच देशभर के 51 चयनित शिक्षाविदों को सम्मानित किया जाना इस आयोजन को विशेष बनाता है।
गणित शिक्षण एवं शोध के क्षेत्र में सक्रिय हैं डॉ. पड़ियार:
डॉ. सुरेंद्र विक्रम सिंह पड़ियार गणित के शिक्षण एवं शोध के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं। वैदिक गणित, इन्वेंटरी मैनेजमेंट, सप्लाई चेन एवं ऑपरेशंस रिसर्च उनके प्रमुख शोध क्षेत्र हैं। उनके 50 से अधिक शोधपत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त उनके नाम 10 से अधिक पेटेंट एवं 5 पुस्तकों के प्रकाशन की उपलब्धि भी दर्ज है। शिक्षण, शोध, नवाचार एवं सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उनकी सक्रियता ने उन्हें एक विशिष्ट पहचान दिलाई है।
शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों में भी सक्रिय:
डॉ. पड़ियार की उपलब्धियों का दायरा केवल अकादमिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। वे विभिन्न शैक्षणिक, सामाजिक, बौद्धिक एवं राष्ट्रहित से जुड़े कार्यक्रमों में भी सक्रिय सहभागिता करते रहे हैं। शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों में ज्ञान, संस्कार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की दिशा में उनके प्रयास उल्लेखनीय रहे हैं।
पूर्व में भी मिल चुके हैं विभिन्न सम्मान:
शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पूर्व में भी विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। अब देशभर से चयनित महज 51 शिक्षकों एवं शिक्षाविदों में स्थान बनाकर ‘वैश्विक शिक्षक रत्न अवार्ड’ के लिए चयनित होना उनके शैक्षणिक एवं शोध जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को आगे बढ़ाना उद्देश्य:
समारोह का उद्देश्य “वसुधैव कुटुम्बकम्, ग्लोबल विलेज एवं सत्यम् शिवम् सुन्दरम्” की भावना को शिक्षा, ज्ञान, संस्कार एवं मानवीय मूल्यों के माध्यम से वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाना तथा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षाविदों का सम्मान करना है।
शैक्षणिक जगत में हर्ष का माहौल:
डॉ. पड़ियार के चयन की खबर से एच.एन.बी. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय खटीमा सहित पूरे उधम सिंह नगर के शैक्षणिक जगत में हर्ष का माहौल है। सहकर्मियों, विद्यार्थियों, शुभचिंतकों एवं क्षेत्रवासियों ने उन्हें इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
देश के विभिन्न हिस्सों से शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं में से केवल 51 शिक्षकों एवं शिक्षाविदों का चयन, और 25 देशों की सहभागिता वाले अंतरराष्ट्रीय मंच पर उन्हें सम्मानित किया जाना इस उपलब्धि को और भी महत्वपूर्ण बनाता है। डॉ. सुरेंद्र विक्रम सिंह पड़ियार का चयन न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि खटीमा एवं उधम सिंह नगर की शैक्षणिक प्रतिभा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित करने वाला अवसर भी है।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल













