आपातकालीन सेवाएं हुईं नाकाम — पेट दर्द से तड़पते मरीज को नहीं मिला समय पर सहयोग।
हल्द्वानी (नैनीताल)। आपातकालीन सेवाओं की लापरवाही का एक गंभीर मामला हल्द्वानी क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक मरीज को समय पर मदद नहीं मिल पाने के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुलदीप कुमार निवासी छड़ैल, जो पथरी की समस्या से जूझ रहे हैं, रविवार देर रात अचानक तेज पेट दर्द से कराह उठे। उनकी हालत इतनी गंभीर हो गई कि तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी।
मरीज के तीमारदार एस. आर. चन्द्रा ने रात करीब 11 बजे मदद के लिए लगातार 108, 100, 112 सहित 108 देहरादून पर भी कई बार कॉल करने की कोशिश की, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि किसी भी नंबर पर संपर्क नहीं हो पाया। बार-बार कॉल करने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला, तो मरीज की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
आखिरकार, मजबूरी में परिजनों को मरीज को ई-रिक्शा के माध्यम से डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाना पड़ा, जिससे आपातकालीन सेवाओं की वास्तविक स्थिति उजागर हो गई। समय पर एम्बुलेंस या पुलिस सहायता न मिल पाने से न केवल मरीज को अत्यधिक पीड़ा झेलनी पड़ी, बल्कि परिजनों को भी भारी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा।
इस घटना ने एक बार फिर आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब संकट की घड़ी में भी ये सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पातीं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों ही खतरे में पड़ जाते हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जाँच कराने तथा आपातकालीन सेवाओं को अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी जरुरतमंद को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।



