राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रानीखेत में संगीत बैठक का भव्य आयोजन।
सुरों की मधुरता और सितार की झंकार ने बांधा समां, संगीत के माध्यम से तनावमुक्त जीवन का दिया संदेश।
रानीखेत (अल्मोड़ा)। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रानीखेत के संगीत विभाग द्वारा संगीत बैठक का भव्य एवं सुरमय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडे द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. निर्मला जोशी ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के विधिवत शुभारंभ की घोषणा की।
कार्यक्रम में संगीत विभाग की छात्राओं ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय एवं संगीतमय बना दिया। एम.ए. प्रथम सेमेस्टर की छात्राएं नम्रता पांडेय एवं रिया उपाध्याय तथा बी.ए. पंचम सेमेस्टर की छात्राएं गीता बिष्ट एवं भावना बेलवाल ने सरस्वती वंदना, भजन, शास्त्रीय गायन तथा पहाड़ी एवं फिल्मी गीतों के आकर्षक मैशअप की प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और कार्यक्रम में उत्साह एवं उल्लास का संचार किया।
संगीत बैठक का विशेष आकर्षण शोध छात्र दिनेश चंद्र भट्ट का सितार वादन रहा। सितार के मधुर स्वरों ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया और पूरे सभागार में संगीतमय वातावरण निर्मित कर दिया। उनके साथ तबले पर संगत कर रहे शुभम ने अपनी प्रभावशाली ताल एवं लयकारी से प्रस्तुति को और भी आकर्षक बना दिया। सितार और तबले की शानदार जुगलबंदी ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडे ने अपने संबोधन में संगीत के महत्व एवं जीवन में उसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि मन की शांति, भावनात्मक संतुलन तथा मानसिक एवं शारीरिक तनाव को कम करने का एक प्रभावी माध्यम भी है। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में संगीत व्यक्ति को सुकून प्रदान करने के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा से भी भरता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी दिनचर्या में संगीत के लिए स्थान बनाने तथा भारतीय संगीत परंपरा को संरक्षित एवं संवर्धित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के समापन पर संगीत विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. किरन चौहान ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों, प्रतिभागियों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
यह संगीत बैठक विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं लोक संगीत के प्रति रुचि जागृत करने की दिशा में एक सराहनीय पहल सिद्ध हुई। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि संगीत जीवन में आनंद, शांति और सकारात्मकता का संचार करने वाली एक सशक्त कला है।
इस अवसर पर प्रो. पी.एन. तिवारी, डॉ. लोतिका अमित, डॉ. प्राची जोशी, डॉ. निर्मला जोशी, डॉ. रश्मि रौंतेला, डॉ. बरखा रौंतेला, डॉ. तनुजा तिवारी, डॉ. कोमल गुप्ता, डॉ. पारुल भारद्वाज, डॉ. बबीता कांडपाल, डॉ. अपूर्वा जोशी, डॉ. कमला एवं रेखा सिलोरी सहित अन्य प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल






