राजकीय महाविद्यालय शीतलाखेत में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन।
शीतलाखेत (अल्मोड़ा)। राजकीय महाविद्यालय शीतलाखेत में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में बड़े उत्साह और उमंग के साथ सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ललन प्रसाद वर्मा द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
कार्यक्रम में राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय शीतलाखेत के योग प्रशिक्षक गौरव मनराल के मार्गदर्शन में सामूहिक योगाभ्यास कराया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रकाश चंद्र जांगी द्वारा किया गया। उन्होंने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पतंजलि योग दर्शन में “योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः” अर्थात चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग बताया गया है, जबकि श्रीमद्भगवद्गीता में “योगः कर्मसु कौशलम्” कहकर कर्मों में कुशलता को योग की संज्ञा दी गई है।
विशेष व्याख्यान के दौरान मानसिक स्वास्थ्य, तनाव मुक्ति तथा स्वस्थ जीवनशैली में योग की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। योग दिवस के अवसर पर आयोजित सामूहिक योगाभ्यास में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया।
अपने संबोधन में प्राचार्य प्रो. ललन प्रसाद वर्मा ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र कला है। उन्होंने सभी से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ललन प्रसाद वर्मा, प्रो. अनुपमा तिवारी, डॉ. प्रकाश चंद्र जांगी, डॉ. सीमा प्रिया, डॉ. दीपिका आर्या, डॉ. वसुन्धरा लस्पाल, डॉ. छत्र सिंह कठायत, डॉ. राजेंद्र चंद्र पांडे, अनुज कुमार, गौरव मनराल, कमल बनकोटी, विनोद रतन, लाल सिंह नेगी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल




